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जीएसटी की वार्षिक विवरणी और ऑडिट में अभी भी भ्रम की स्थिति टैक्स प्रैक्टिशनर
इंदौर. वित्तीय वर्ष 17-18 की जीएसटी वार्षिक विवरनी भरने की अंतिम दिनांक 30 जून 2019 है जिसके लिए फार्म जीएसटीआर 9 नोटीफाइड हो चुका है एवं पोर्टल पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन यूटिलिटी अब प्रारम्भ हो गई है किन्तु अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि वार्षिक विवरनी में वित्तीय लेखा पुस्तकों में दर्ज वास्तविक टर्नओवर का मिलान जीएसटीआर 3 बी एवं जीएसटीआर 1 में से किससे करना है एक मत जीएसटीआर 3 बी से करने की बात करता है तो दूसरा मत जीएसटीआर 1 से, इस हेतु एकरूपता के लिए स्पष्टीकरण जारी होना चाहिए.

यह बात टैक्स प्रैक्टिशनर एसोसिएशन द्वारा आयोजित वर्कशॉप में उदयपुर से आए सीए सौरभ नागदा ने कही. वर्कशॉप के प्रारम्भ में वरिष्ठ सीए डी.जे. दवे ने बताया कि सरकार ने जीएसटी ऑडिट की एक बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रोफेशनल को दी है किन्तु जीएसटी में लगातार हो रहे परिवर्तनों को ध्यान में रखकर इसे पूरा करना बहुत ही कठिन है।
स्वागत उद्भोदन में अध्यक्ष सीए विक्रम गुप्ते ने कहा सही समय पर सदस्यों एवं ट्रेड को नए संसोधनो के साथ तैयार करने के लिए ही एसोसिएशन द्वारा इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है. वर्कशॉप संयोजक सीए सुनील जी. खंडेलवाल ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि वार्षिक विवरनी जीएसटीआर 9 एवं जीएसटी ऑडिट रिपोर्ट जीएसटीआर 9सी जो 2 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले रजिस्टर्ड पर्सन पर लागू है को ऑफलाइन यूटिलिटी में तैयार कर एक साथ फाइल किया जाना चाहिए क्योंकि एक बार फाइल करने के पश्चात इसमें सुधार नहीं किया जा सकता है.
सह संयोजक सीए कृष्ण गर्ग ने दोनों वक्ताओं का परिचय दिया एवं बताया कि हमे असेसी पर लागू होने वाले सभी प्रावधान एवं नोटिफिकेशन का ज्ञान होना अति आवश्यक है.
पूर्ण वित्तीय वर्ष का लिया जाएगा टर्न ओवरजीएसटी ऑडिट पर चर्चा करते हुए कॉस्ट अकाउंटेंट मिहिर तुर्खिया ने बताया कि इस हेतु टर्नओवर पूर्ण वित्तीय वर्ष का ही लिया जाएगा एवं अगर सभी ब्रांच एवं यूनिट का मिलाकर कुल टर्नओवर 2 करोड़ से अधिक होता है तो ऐसे रजिस्टर्ड पर्सन को सभी ब्रांच एवं यूनिट का जीएसटी ऑडिट करवाना होगा जिसकी भी अंतिम दिनांक 30 जून 2019 है. इसके पश्चात स्टैट एवं सेंट्रल दोनो टैक्स में 100-100 रूपए प्रतिदिन से पेनाल्टी लगेगी जो अधिकतम टर्नओवर के 0.25, प्रतिशत तक हो सकती है. इस हेतु ब्रांच/यूनिट वाइज ट्रायल बैलेंस अनिवार्य होगा. मिहिर ने ऑडिट हेतु एक चेक लिस्ट एवं एक्सेल वर्कशीट के माध्यम से पूरा ऑडिट प्लान समझाया.
स्वागत एवं स्मृति चिन्ह मनोज गुप्ता, शैलेन्द्र सोलंकी, अनिल खण्डेलवाल, एम पी अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, शैलेन्द्र पोरवाल, नवीन खंडेलवाल ने प्रदान किए. इस अवसर पर अभय शर्मा, विजेश खंडेलवाल, राजेश मेहता, आर के नीमा, स्वप्निल जैन, सुनील पी जैन, मनोज पी गुप्ता, यश खंडेलवाल सहित 250 से अधिक टैक्स प्रैक्टीशनर व सीए उपस्थित थे.


